गांव की सत्ता गांव के हाथ पत्रिका का किया विमोचन

बजरंग मुनि सामाजिक शोध संस्थान ने कार्यक्रम आयोजित कर गांव की सत्ता गांव के हाथ पत्रिका का विमोचन किया। वक्ताओं ने वर्तमान समय में दिल्ली की राजनीति को बांझ की तरह बताया। कहा कि राजनैतिक प्रदूषित वातावरण से निपटने के लिए भिन्न-भिन्न विचारों के लोगों को साथ बैठकर वैचारिक मंथन करना चाहिए।


गुरुवार को दून मार्ग स्थित बजरंग मुनि सामाजिक शोध संस्थान के प्रबंध कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत मुख्य अतिथि महामण्डलेश्वर दयाराम दास, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव केएन गोविंदाचार्य व पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखीराम जोशी ने संयुक्त रूप से संस्थान की गांव की सत्ता गांव के हाथ पत्रिका का विमोचन किया गया। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में प्रख्यात विचारक बजरंग मुनि ने कहा कि दिल्ली की राजनीति अब बांझ सी हो गई है। दिल्ली की राजनैतिक प्रदूषित वातावरण से अब कुछ नहीं होने वाला है। वर्तमान समय में इससे निपटने के लिए भिन्न-भिन्न विचारों के लोगों को एक साथ बैठकर वैचारिक मंथन करना चाहिए। संस्थान के निदेशक आचार्य पंकज ने कहा कि जब तक गांवों को संविधान संशोधन में अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक आजादी अधूरी है। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव केएन गोविंदाचार्य ने धर्मसत्ता, समाजसत्ता, राज्यसत्ता और अर्थसत्ता को क्रम गत व्यवस्था का आधार बताते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। मौके पर प्रमोद कुमार वात्सल्य, अनुसूया प्रसाद बंगवाल, राजीव थपलियाल, योगाचार्य अंकित नैथानी, राम चौबे, अभिषेक शर्मा, रवि शास्त्री, ओपी डोभाल, अभ्युदय भाई द्विवेदी, अरविंद तिवारी, शशि गौड़, उत्तम सिंह असवाल आदि उपस्थित थे।